शिविर में बताया गया कि गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971 के तहत यदि किसी महिला के साथ बलात्संग होता है और उसके पश्चात् वह गर्भवती होती है तो ऐसी स्थिति में उक्त गर्भ का चिकित्सीय परीक्षण करने वाला कोई पंजीकृत चिकित्सक अपराध का दोषी नहीं होता है। इस स्थिति में गर्भ का परीक्षण हमेशा किसी भी पंजीकृत चिकित्सक से ही कराया जाना चाहिए क्योंकि पंजीकृत चिकित्सक ऐसे गर्भ का चिकित्सीय परीक्षण करने पर भी इस अधिनियम के तहत अपराध का दोषी नहीं होता है। समाचार क्रमांक 240/2023
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